2 फ़रवरी 2019 - 18:53
ओमान एयर द्वारा लो फ़ेयर ऑफ़र को एक ग़लती क़रार देने से हज़ारों भारतीय ज़ायरीन ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं

ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन द्वारा दिल्ली-मस्क़त-तेहरान रूट पर रियायती दरों में टिकट का ऑफ़र देकर बाद में उसे एक ग़लती बताने से ज़ियारत के लिए ईरान जाने की इच्छा रखने वाले भारतीय ज़ायरीन ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

भारत से बड़ी संख्या में शिया मुसलमान ईरान के पवित्र शहरों मशहद और क़ुम स्थित पवित्र धार्मिक स्थलों की ज़ियारत करने के लिए इस देश की यात्रा करते हैं।

26 जनवरी को ओमान एयर ने दिल्ली-तेहरान रूट पर अविश्वसनीय रूप से कम मूल्यों पर टिकट का ऑफ़र दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने ओमान एयर से टिकट बुक करा लिए। हालांकि दो दिन के बाद एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर इस ऑफ़र को बंद कर दिया गया।

यात्रियों ने इस ऑफ़र की सटीक जानकारी के लिए ओमान एयर के दिल्ली स्थित काल सेंटर में संपर्क किया तो शुरू में उनसे कहा गया कि यह ऑफ़र सही है, लेकिन बाद में एयरलाइन के अधिकारियों की ओर से विरोधाभासी बयान सामने आने लगे, जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।

इस ऑफ़र के तहत टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को अब एयरलाइन ने 39,000 रुपये के बजाए 29,000 रुपये टिकट का स्पेशल ऑफ़र दिया है और उनसे कहा है कि 4 फ़रवरी से पहले 3900-7700 रुपये में ख़रीदे गए टिकट के अंतर का भुगतान करके बुक किए गए टिकट पर यात्रा कर सकते हैं।

एयरलाइन का कहना है कि यात्री अगर अपना टिकट कैंसल करते हैं तो उन्हें उनसे ली गई पूरी राशि लौटा दी जाएगी।

हालांकि एयरलाइन की इस ग़लती से हज़ारों ज़ायरीन को पहुंचने वाले नुक़सान और ज़ायरीन की भावनाओं के आहत होने के बारे में एयरनाइन ने आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है।

कुछ लोगों ने भारत के दूर दराज़ इलाक़ों जैसे कि कारगिल और लेह से ओमान एयर के इस ऑफ़र के तहत टिकट बुक कराए थे। जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के लिए कनेक्टेड फ़्लाइट के भी टिकट बुक करा लिए और होटल में रूम भी बुक कर लिए।

ऐसे ही एक यात्री लद्दाख़ लेह के रहने वाले नासिर हुसैन हैं। उनका कहना है कि हमने टिकट बुक करने वाली विभिन्न वेबसाइटों पर यह ऑफ़र चेक किया और उसके बाद सीधे ओमान एयर की आधिकारिक वेबसाइट से अपना टिकट बुक किया। उन्होंने कहा, हम ख़ुद को बहुत ही भाग्यशाली समझ रहे थे, इसलिए कि इमाम रज़ा (अ) की ज़ियारत की हमारी ज़िंदगी भर की तमन्ना पूरी होने जा रही थी। लेकिन बाद में एयरलाइन के अधिकारियों की विरोधाभासी बयानों से हमारी भावनाएं आहत हुई हैं।

यह कहानी सिर्फ़ हुसैन की नहीं है, बल्कि लगभग 5,000 ज़ायरीन की यही दुख भरी दास्तान है। अब ज़ायरीन न्याय की उम्मीद में कंज़्यूमर कोर्ट और नागर विमानन मंत्रालय में अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।